Wahdat rameez - Hum dard ke maron ka itna hi fasana hai

हम दर्द के मारों का, इतना ही फ़साना है
पीने को शराब-ए-ग़म, दिल गम का निशाना है
हम दर्द के मारों का, इतना ही फ़साना है
पीने को शराब-ए-ग़म, दिल गम का निशाना है
दिल एक खिलौना है, तक़दीर के हाथों में
दिल एक खिलौना है तकदीर के हाथों में
तकदीर के हाथों में
जीने की तमन्ना है, मरने का बहाना है
पीने को शराब-ए-ग़म, दिल गम का निशाना है
हँस हँस के बहारें तो, शबनम को रुलाती हैं
हँस हँस के बहारें तो, शबनम को रुलाती हैं
शबनम को रुलाती हैं
क्यू उनको रुलाये हम, अब खुद को रुलाना है
पीने को शराब-ए-ग़म, दिल गम का निशाना है
हम दर्द के मारों का, इतना ही फ़साना है

Lyrics licensed by LyricFind